નમસ્કાર ,
પુરુષોત્તમ માસ - અધિક માસ નિમિત્તે ખાસ સંશોધન કરી ચતુ:શ્લોકી ભાગવત મંત્ર તથા પુરુષોત્તમ માસ મંત્ર તેના સંક્ષિપ્ત મહાત્મ્ય સાથે પાંચ મિનિટ નો મંત્ર,60 મિનિટ ના પુરઃશ્ચરણ સાથે મૂકવામાં આવ્યો છે, પુરુષોત્તમ માસ માં રોજ મંગલ પ્રભાતે સાંભળી અને પઠન કરવાથી યથેચ્છ ફળ ની પ્રાપ્તિ થાય છે એવું શાસ્ત્રોમાં વર્ણન છે.
© નિર્માતા : આદિત્ય મલ્ટીમીડિયા એન્ડ એન્ટરટેઇનમેન્ટ
Information
♪ Song : Purushottam Maas Mantra Nonstop
♪ Producer: Aditya Multimedia & Entertainment
♪ Lyrics: Traditional
♪ Music: Utpal Jivrajani
♪ Singer: Utpal Jivrajani
♪ Digital Partner : Aditya Multimedia & Entertainment-Rajkot®
♪ Editing-Compilation: Utpal Jivrajani
© All Copyrights Reserved to Aditya Multimedia & Entertainment-Rajkot
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👇🎧🎧🎧 સમાવિષ્ટ કીર્તનો 🎧🎧🎧👇
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में भगवान श्रीहरि व शिवजी, रामभक्त हनुमान का पूजन करना अत्यंत फलदायी है। अक्षय पुण्य की प्राप्ति तथा जीवन के समस्त पीड़ा, कष्टों तथा परेशानियों से मुक्ति के लिए हमें पुरुषोत्तम मास में निम्न एक मंत्र का निरंतर स्मरण करना चाहिए। मलमास का यह मंत्र तब अधिक पुण्य फल देता है, जब इस मंत्र का जप करते समय पीले वस्त्र धारण किए गए हो। इसके साथ ही पूजा, हवन, कथाओं का श्रवण तथा दान करना भी लाभकारी माना गया है।
गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।
ओम नमो भगवते वासुदेवाय।
ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम। विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम। लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म। वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।
नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे।
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।।
चतु:श्लोकी भागवत मंत्र
ये चार मंत्र सबसे पहले भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को सुनाया था. इसके बाद ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को सुनाया, फिर नारद मुनि ने इस चतु:श्लोकी भागवत मंत्र को वेद व्यास जी को सुनाया था. बाद में इन्हीं चतु:श्लोकी भागवत मंत्र की मदद से व्यास जी ने 18 हजार श्लोकों के श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना किया. ऐसा भी माना जाता है कि मलमास या पुरुषोत्तम मास में इन चतु:श्लोकी भागवत मंत्र को पढ़ने से सभी पाप ख़त्म हो जाते हैं.
ये हैं भगवान विष्णु के मुख से निकले 4 श्लोक या मंत्र-
{1} अहमेवासमेवाग्रे नान्यद् यत् सदसत् परम्।
पश्चादहं यदेतच्च योऽवशिष्येत सोऽस्म्यहम् ॥
{2} ऋतेऽर्थं यत् प्रतीयेत न प्रतीयेत चात्मनि।
तद्विद्यादात्मनो मायां यथाऽऽभासो यथा तमः ॥
{3} यथा महान्ति भूतानि भूतेषूच्चावचेष्वनु।
प्रविष्टान्यप्रविष्टानि तथा तेषु न तेष्वहम्॥
{4} एतावदेव जिज्ञास्यं तत्त्वजिज्ञासुनाऽऽत्मनः।
अन्वयव्यतिरेकाभ्यां यत् स्यात् सर्वत्र सर्वदा॥
Purushottam Maas Mantra
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